
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। एक बार फिर उन्होंने रामचरितमानस को लेकर विवादित बयान दिया है। मौर्य ने कहा कि अगर भाजपा सरकार रामचरितमानस की चौपाइयों पर प्रतिबंध नहीं लगाती या उनमें संशोधन नहीं करती तो प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार आने पर रामचरितमानस की चौपाइयों पर प्रतिबंध लगाएंगे।
स्वामी प्रसाद मौर्य लगातार रामचरितमानस पर अपना निशाना साध रहे हैं। इससे पहले वह रामचरितमानस को बकवास बताते हुए इसे बहन करने की मांग की थी। जिस पर पूरे प्रदेश में बवाल मचने के बाद पार्टी ने उनका निजी बयान बताकर इस मामले से किनारा लिया था।
स्वामी प्रसाद मौर्य के लगातार रामचरितमानस पर बयान के खिलाफ सपा के ही विधायक ने मोर्चा खोल दिया है। सपा विधायक राकेश सिंह ने कहा कि मैं प्रभु राम को मानने और उनकी पूजा करने वाला व्यक्ति हूं और रामायण का पाठ और रामचरित मानस का सम्मान करने वाला व्यक्ति हूं। मैं उन्ही के दल का विधायक हूं, अगर उन्होंने कोई ऐसी टिप्पणी की है तो उन्हें उस पर विचार करना चाहिए।
वहीं दूसरी तरफ वाराणसी के टेंगरा मोड़ पर रविवार को बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सपा महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य के काफिले को काला झंडा दिखाया और विरोध जताया। वो वाराणसी से सोनभद्र के लिए निकले थे, तभी रास्ते में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता उनके काफिले के सामने आ गए और ‘जय श्री राम’ व ‘हर हर महादेव’ का नारा लगाने लगे। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने स्वामी प्रसाद मौर्य के कार पर भी कपड़ा फेंका।
दें कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरितमानस को बकवास ग्रंथ कहा था और उसकी एक चौपाई पर प्रतिबंध लगाने की बात कही थी। इसे लेकर लंबे समय से यूपी में विवाद की स्थिति बनी है।













