केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को लोकसभा चुनाव 2019 में कड़ी टक्कर देने के लिए उत्तर प्रदेश की दो बड़ी राजनीतिक पार्टियों ने एक अहम फैसला लिया है। समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने आज एक सांझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों से ही यह अटकलें लग रही थी कि जल्द ही यह दोनों पार्टियां लोकसभा चुनाव को लेकर एक बड़ी घोषणा कर सकती हैं। हाल ही में बसपा प्रमुख मायावती ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को भारतीय जनता पार्टी की गुंडागर्दी के खिलाफ डटकर खड़े रहने की सलाह दी थी।

आपको बता दें कि अवैध खनन मामले में सीबीआई ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से पूछताछ करने की बात कही थी। अब खबर सामने आ रही है कि लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी को टक्कर देने के लिए इन दोनों पार्टियों ने गठबंधन का औपचारिक ऐलान कर दिया है। आपको बता दे कि बसपा और सपा दोनों ही 368 30 सीटों पर चुनाव लड़ने जा रहे हैं।
2 सीटें उन्होंने कांग्रेस के लिए थोड़ी है जो कि पार्टी की परंपरागत जीते हैं जिनमें से एक है अमेठी और दूसरी रायबरेली हालांकि कांग्रेस के पक्ष में यह कदम उठाया है। लेकिन इसके साथ ही यह भी साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा कांग्रेस के साथ किसी भी तरह के गठबंधन में नहीं रहेंगी।

इस मामले में भारतीय जनता पार्टी ने सपा और बसपा के गठबंधन को लेकर कड़ी टिप्पणी की है उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा है कि ये दोनों राजनीतिक दल अपना अपना अस्तित्व बचाने के लिए एकसाथ आये हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में समावेशी विकास हुआ है. सपा और बसपा का गठबंधन नहीं ठगबंधन है।













