हालांकि एक दिन पहले ही दिल्ली के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि दीवाली पर प्रदूषण पिछले 5 सालों में सबसे कम रहा है। मगर, हमारा लक्ष्य प्रदूषण पर पूरी तरह काबू पाना है। वैसे हवा की गति धीमी होने की वजह से प्रदूषकों का जमाव आसान हो गया है, जिसके चलते सुप्रीम कोर्ट द्वारा अधिकृत संस्था ईपीसीए ने दिल्ली और आस-पास के उपनगरीय शहरों में शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक भवन निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया हुआ है।
दिल्ली और एनसीआर के इलाके में प्रदूषण की वजह से हवा की क्वालिटी लगातार गिर रही है, दिल्ली-एनसीआर से सटे पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में हर साल की तरह इस साल भी किसानों के पराली जलाने की घटनाएं थम नहीं रही हैं, हालांकि अक्टूबर के पहले हफ्ते में पराली जलाने की घटनाएं पिछले साल की तुलना में कम दर्ज हुई हैं, लेकिन बावजूद इसके, पिछले कुछ दिनों में पंजाब और हरियाणा में इन घटनाओं के बढ़ने से दिल्ली एक बार फिर धुंध के घेरे में है।
बरतें सावधानी
- आप जब भी घर से बाहर निकलें तो हमेशा मॉस्क लगाकर ही निकलें।
- घरों मं नंगे पांव ही चलें,ऐसा करने से आपका शरीर नुकसान ना करने वाले बैक्टीरिया के संपर्क में आएगा और आपकी रोधक क्षमता को बढाएगा।
- अपने शरीर की नाभी में सरसों का तेल लगाएं इससे भी रोधक क्षमता बढ़ती है।
- अपने खाने में हल्दी का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करें।
- सुबह और रात में सैर को ना निकलें क्योंकि इस समय प्रदूषित हवा का असर ज्यादा होता है।
- खाने में हरी सब्जियों का प्रयोग करें जो कि आपको अंदर से स्वस्थ रखेगी।
- घर में हरे पौधे लगाएं जिससे आपके घरों की हवा शुद्ध और स्वच्छ हो।












