त्योहारों और राम जन्मभूमि मुद्दे पर अदालत का फैसला जल्द आने के मद्देनजर अयोध्या में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की जा रही है। अयोध्या को हाई अलर्ट पर रखा गया है और दस अतिरिक्त कंपनियों को शहर में तैनात किया जा रहा है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हम ड्रोन के साथ दुर्गा पूजा और दशहरा के जुलूसों की निगरानी सुनिश्चित करेंगे और पूजा समिति से अनुरोध किया है कि वे जुलूसों के दौरान गुलाल का इस्तेमाल न करें। वे इसके बजाय फूलों की पंखुड़ियों का उपयोग कर सकते हैं।”
इसके साथ ही वह नवंबर माह में श्रीरामजन्मभूमि विवाद पर आने वाले संभावित फैसले के बाद यहां की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने की तैयारी में जुट गया है। इसके लिए पुलिस प्रशासन ने जिले के डीआईओएस व बीएसए से शहर व उसके आसपास स्थित सभी स्कूलों की सूची मांगी है।
इसको लेकर पुलिस प्रशासन ने शहर के बड़े धर्मशाला, गेस्ट हाउस व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी निगाह गड़ा दी है। इसके लिए संभावित स्थानों की सूची तैयार की जा रही है। हालांकि अधिकारी इस संदर्भ में अभी कुछ कहने से बच रहे हैं, लेकिन सूत्र बताते हैं कि जिले में करीब सौ से लेकर डेढ़ सौ कंपनी पुलिस बल को ठहराने के इंतजाम करने का प्रयास किया जा रहा है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक केके मुहम्मद ने कहा कि पश्चिम के यात्रियों के यात्रा वृतांत और गैजेटियर्स बेहद अहम सुबूत हैं। ये यात्रा वृतांत आस्था, विश्वास और हिंदुओं द्वारा लगातार पूजा करने के संकेत देते हैं। विलियम फिंच और जोसेफ टाईफेंथलर ने हिंदुओं द्वारा पूजा-अर्चना किए जाने का विवरण दिया है और इसकी अनदेखी नहीं की जा सकती। इसके अलावा उन्होंने अकबर के दरबारी इतिहासकार अबुल फजल द्वारा लिखित आईने अकबरी का हवाला भी दिया।













