
पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान को अरेस्ट करने की पाकिस्तानी सरकार ने पूरी ताकत लगा दी लेकिन नाकाम रहे। इमरान के समर्थकों ने पुलिस को करारा जवाब दिया। उनके समर्थकों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद लाहौर के जमान पार्क इलाके में किसी जंग के मैदान जैसा मंजर दिखा।
पीटीआई समर्थकों ने पेट्रोल बम दागकर भारी तादाद में जमा पाकिस्तानी सेना को पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया। पाकिस्तानी सेना के पीछे हटने पर इमरान खान समर्थक खुश हो गए और कहा कि हमने रेंजर्स को भी पीछे ढकेल दिया है।
पुलिस अफसर ने माना कि लाहौर में अफरा-तफरी और हिंसा का माहौल बना रहा तो पाकिस्तानी और विदेशी खिलाडि़यों और दर्शकों को दिक्कत हो सकती है। लिहाजा, फिलहाल पुलिस वापस लौट गई है। बताया जा रहा है कि जब 19 मार्च को फाइनल मैच होगा, उसके बाद ही पुलिस दोबारा इमरान के घर दस्तक दे पाएगी।
इमरान खान ने संघीय सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी गिरफ्तारी की योजना देश के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के खिलाफ सभी मामलों को खत्म करने की लंदन योजना का हिस्सा है। एक वीडियो में इमरान ने कहा कि यह लंदन की योजना का हिस्सा है। इसमें इमरान को जेल में डालने, पीटीआई को गिराने और नवाज शरीफ के खिलाफ सभी मामलों को खत्म करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
बता दें कि तोशखाना, जहां दूसरे देशों की सरकारों, राष्ट्रप्रमुखों और विदेशी मेहमानों द्वारा दिए गए बेशकीमती गिफ्ट्स को रखा जाता है। इमरान खान, साल 2018 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने थे। उन्हें अरब समेत अन्य देशों की यात्राओं के दौरान वहां के शासकों से महंगे गिफ्ट मिले थे। वह पहले रखवा कर बाद में सस्ते दामों में खरीदकर महंगे दामों में बेच देने का आरोप है।













