जम्मू-कश्मीर कांग्रेस अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर और पार्टी प्रवक्ता रविन्द्र शर्मा को जम्मू में बीच प्रेस कांफ्रेस से पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की राहुल गांधी ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल के खिलाफ इस बेवजह की कार्रवाई के साथ सरकार ने लोकतंत्र को एक और झटका दे दिया है। उन्होंने पूछा, “आखिर यह पागलपन कब खत्म होगा?”
हिरासत में लिये गये वरिष्ठ नेता इससे पहले कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई को शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन करने से रोक दिया गया और पुलिस ने पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और पूर्व एमएलसी रविंदर शर्मा को यहां पार्टी मुख्यालय में हिरासत में ले लिया।
शर्मा शहीदी चौक स्थित पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करने वाले थे। तभी एक पुलिस पार्टी वहां पहुंची और उनसे साथ चलने को कहा, क्योंकि एक वरिष्ठ अधिकारी उनसे बातचीत करना चाहते थे। हालांकि, शर्मा ने इसका विरोध किया और कहा कि वह प्रतीक्षारत मीडियाकर्मियों को संबोधित करने जा रहे हैं, लेकिन उन्हें जबरन एहतियाती हिरासत में ले लिया गया और पुलिस स्टेशन ले जाया गया। पार्टी की ओबीसी इकाई के अध्यक्ष सुरेश कुमार डोगरा ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि प्रशासन की कार्रवाई अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक है।
हम लोगों के छीने गये अधिकारों को उजागर करने और पार्टी नेताओं की गिरफ्तारी तथा नजरबंदी को रेखांकित करने के लिए संवाददाता सम्मेलन करने वाले थे। उन्होंने शर्मा को हिरासत में लिये जाने को संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार का उल्लंघन बताया। डोगरा ने कहा कि यह पूरी तरह से तानाशाही है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के हमारे अधिकार का अतिक्रमण है।
हम अनुच्छेद 370 पर सरकार के कदम के खिलाफ विद्रोह शुरू नहीं करने जा रहे हैं। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए शर्मा को एहतियाती हिरासत में लिया गया है। अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा कि ऐसी आशंका थी कि उनका भाषण लोगों को उकसा सकता है तथा कानून व्यवस्था में समस्या पैदा हो सकती है।













