शनिवार, मार्च 7, 2026
  • इंग्लिश
  • उर्दू
  • हमारे बारे में
  • हमसे संपर्क करें
  • करियर
  • विज्ञापन
  • गोपनीयता नीति
इंग्लिश
उर्दू
विज़न मुस्लिम टुडे
  • मुख्य पृष्ठ
  • भारतीय
  • विदेश
  • संपादकीय
  • साक्षात्कार
  • खेल
  • अर्थव्यवस्था
  • फैक्ट चेक
  • शिक्षा
  • सिनेमा
No Result
View All Result
  • मुख्य पृष्ठ
  • भारतीय
  • विदेश
  • संपादकीय
  • साक्षात्कार
  • खेल
  • अर्थव्यवस्था
  • फैक्ट चेक
  • शिक्षा
  • सिनेमा
No Result
View All Result
विज़न मुस्लिम टुडे
No Result
View All Result
Home देश

क्या कश्मीर फाइल्स मुस्लिम विरोधी है?

Muslim Today by Muslim Today
मार्च 17, 2022
in देश
0 0
0
क्या कश्मीर फाइल्स मुस्लिम विरोधी है?
0
SHARES
68
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

जबसे ‘कश्मीर फाइल्स’ फिल्म रिलीज़ हुई है कुछ सवाल बार-बार पूछे जा रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि ये फिल्म मुसलमानों के खिलाफ भड़काती है। कुछ की आपत्ति है कि फिल्म में एक भी Positive मुस्लिम किरदार नहीं है। कुछ का कहना है कि फिल्म सभी मुसलमानों को एक ही रंग में दिखाती है। ये सवाल कितने जायज़ हैं और इसके अलावा फिल्म को लेकर क्या-क्या आपत्तियां हैं, मैं उस पर आऊंगा लेकिन सबसे पहले बात ‘कश्मीर फाइल्स’ की, जो अब एक फिल्म नहीं, National Emotion बन चुकी है। मझे ये कहने कोई हर्ज़ नहीं कि पिछले कुछ दिनों में कश्मीर फाइल्स को लेकर जो माहौल देखा है, ऐसा भारतीय फिल्म इतिहास में शायद कभी नहीं देखा गया। थिएटर्स में भारत मां की जयकार के नारे लगाए जा रहे हैं। फिल्म के बाद पूरा हॉल अपने आप राष्ट्रगान गा रहा है। सोशल मीडिया पर लोग अनजान लोगों को फ्री में फिल्म दिखाने का ऑफर दे रहे हैं। सुबह 6 बजे से लेकर रात 3 बजे तक फिल्म के शो चल रहे हैं।

और आप जानते हैं ऐसा क्यूं हैं? क्या भारत में इससे पहले ‘कश्मीर फाइल्स’ से अच्छी फिल्म नहीं बनी? क्या लोगों ने इतना शानदार सिनेमा पहले नहीं देखा? नहीं, बिल्कुल नहीं। ऐसा इसलिए क्योंकि ‘कश्मीर फाइल्स’ सिर्फ फिल्म नहीं है। ये एक पूरी पीढ़ी का या यूं कहूं कि एक देश का ‘गिल्ट’ है। ऐसा लग रहा है कि इंस्टाग्राम और यूट्यूब में डूबी रहने वाली एक पूरी पीढ़ी फिल्म देखकर एक झटके में नींद से जागी है। इन सालों में उसने सरसरी तौर पर ये तो सुना था कि 90 के दशक में कश्मीरी पंडितों को वहां के कट्टरपंथियों ने उनके घरों से भगा दिया था लेकिन उससे ज़्यादा उन्हें कुछ पता नहीं था।  और आज जब इस फिल्म ने 32 साल पुरानी उस त्रासदी एक-एक रेशा उधाड़कर रख दिया है तो पूरा देश आत्मग्लानि और सदमें में चला गया है।

सदमा, ये जानने का कि उसके अपने ही लोग अपने ही देश में कैसी तकलीफों से गुज़रे और ग्लानि इस बात की कि अपने ही लोगो के साथ इतना ज़ुल्म हुआ और आज तक ये देश पर कुछ कर क्यों नहीं पाया। और आज हर जगह फिल्म को लेकर आप जो इमोश्न देख रहे हैं कि वो एक तरह से अपने ही कश्मीरी भाइयों से अपनी बेरूखी के लिए इस देश की माफी है! फिल्म की तारीफ में तो बहुत कुछ कहा ही जा चुका है। पहला ये कि चलिए इतने सालों बाद किसी ने इस विषय पर फिल्म बनाने की हिम्मत की। बिना किसी लागलपेट के सबकुछ साफ-साफ दिखाया और ऐसा करके फिल्म ने पूरी दुनिया में कश्मीरी पंडियों की त्रासदी के मुद्दे को पुरज़ोर तरीके से स्थापित कर दिया। लेकिन, एक वर्ग ऐसा भी है जिसकी आपत्ति है कि ये फिल्म मुसलमानों के खिलाफ भड़काती है। इस पर मेरा कहना है कि जब आप असल कहानियों/त्रासदियों पर फिल्म बनाते हैं तो आपकी पहली ज़िम्मेदारी पूरी सच्चाई के साथ उस कहानी को बयान करने की होती है। हकीकत भले ही कितनी ही कड़वी क्यों न हो लेकिन ये सोचकर आप उसमें चाशनी नहीं लपेट सकते कि इसे चाटने से किसी की ज़बान का टेस्ट खराब हो जाएगा।

ADVERTISEMENT

लेखक-निर्देशक के नाते आपकी पहली और आखिरी ज़िम्मेदारी घटना के प्रति ईमानदार बने रहने की है। दुनिया को सच बताने के क्रम में आपको नंगा सच दिखाना ही होता है। अब उस नंगे सच को देखकर अगर किसी को खुद पर शर्म आ जाए, तो ये आपकी समस्या नहीं है! ‘होलोकॉस्ट’ पर फिल्म बनाते वक्त क्या दुनियाभर के निर्देशक इस तनाव में रहे हैं कि इसे देखकर तो जर्मन शर्मिंदा हो जाएंगे…नहीं, बिल्कुल नहीं। ये फिल्में जर्मन्स को शर्मिंदा करने के लिए बल्कि पूरी दुनिया को ‘होलोकॉस्ट’ से जुड़ी यहूदी लोगों की त्रासदियां दिखाने के लिए बनाई गई हैं। फिल्म देखने के बाद हर संवेदनशील इंसान यहूदियों के साथ हुई ज़्यादतियों को समझता है न कि फिल्म देखने के बाद आज की जर्मन पीढ़ी को कोसने लगता है। अगर ऐसा होता शिंडलर्स लिस्ट से लेकर The Pianist और Life is Beautiful जैसी फिल्में कभी बन ही नहीं पाती।

मेरी हैरानी ये है कि कश्मीर फाइल्स देखने के बाद कश्मीरी पंडितों के दर्द को समझने के बजाए इन लोगों की चिंता ये है कि इससे इस्लामोफोबिया बढ़ेगा। मतलब 5 लाख कश्मीरी पंडितों को उनके घर से निकाल दिया गया ये आपका कंसर्न नहीं है। उनकी बहन-बेटियों के साथ रेप और मर्डर किए गए ये आपकी शर्म नहीं है। अपने ही देश में अपने ही लोगों को उनके घर से निकाल दिया गया ये आपकी फिक्र नहीं है…आपकी फिक्र है कि इससे तो एक वर्ग के खिलाफ नफरत बढ़ेगी! मुझे कहने में कोई हर्ज़ नहीं है कि एक कौम के खिलाफ नफरत बढ़ेगी कि इसी झूठी चिंता ने एक वर्ग को मक्कार बना दिया है और इस तरह की मक्कारी वो हमेशा दिखाता रहा है। ऐसी मक्कारियों का लंबा इतिहास रहा है।

1993 में मुम्बई में एक के बाद एक 12 धमाके हुए। ये सभी धमाके हिंदू इलाकों में हुए। इसमें सैकड़ों लोगों की जानें गई। लेकिन उस वक्त महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री शरद पवार ने झूठ बोलते हुए कहा कि मुम्बई में 12 नहीं, 13 धमाके हुए हैं और एक धमाका मुस्लिम इलाके में भी हुआ है। सिर्फ इसलिए कि इन धमाकों को स्थानीय मुस्लिमों से न जोड़ा जाए और ये साबित किया जा सके कि धमाकों में हर वर्ग के लोगों को निशाना बनाया गया। इस बात का खुलासा खुद शरद पवार ने अपनी किताब ‘ऑन माई टर्म्स’ में किया है।

इसी तरह  26/11 के मुम्बई धमाकों के बाद वरिष्ठ मुस्लिम पत्रकार ने इन धमाकों को RSS की साज़िश बताते हुए एक किताब तक लिख डाली और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह उस किताब के विमोचन पर भी गए। लालू यादव के रेल मंत्री रहते ये साबित करने की कोशिश की गई कि गोधरा कांड किसी की साज़िश नहीं, एक हादसा था। डिब्बे में बाहर से आग नहीं लगाई गई बल्कि वो एक Accident था। चिदंबरम के गृह मंत्री सुरक्षा एजेंसियों पर दबाव डालकर इशरत जहां के आतंकी होने की बात छिपाई गई। और जैसा मैंने ऊपर कहा इस तरह की मक्कारी और बेशर्मी का लंबा इतिहास रहा है। मगर हमें ये समझना होगा कि एक सही आदमी पर ग़लत इल्ज़ाम लगाना जितना गलत है उतना ही गलत है एक ग़लत आदमी का उसकी ग़लतियों के लिए बचाव करना। और इसी को तुष्टिकरण करना कहते हैं।

आप ये मत कहिए कि आतंक का कोई धर्म नहीं होता। आप ये देखिए कि आतंक में शामिल शख्स अपने धर्म से प्रेरणा पाकर तो आतंक नहीं फैला रहा। कश्मीर फाइल्स में ही एक डायलॉग है कि ज़ुल्म तो कश्मीरी पंडितों के साथ भी हुए थे मगर उन्होंने तो हथियार नहीं उठा लिए! दूसरे विश्व युद्ध के बाद किसी ने एक जापानी नागरिक से पूछा कि अमेरिका ने आप पर न्यूक्लियर बम तक गिरा दिए। आपके दो शहर पूरी तरह तबाह कर दिए। क्या आप लोगों को कभी दिल नहीं करता कि आप भी अमेरिका को उसी तरह बर्बाद कर दें? तो उस जापानी शख्स का जवाब था कि अमेरिका राष्ट्रपति जब टीवी पर भाषण देता है और हम देखते हैं कि उसके पीछे सोनी का स्पीकर पड़ा है। उसके कमरे में हिताची का एसी लगा है और उसी कमरे में तोशीबा की स्क्रीन लगी  है, तो यही जापान की अमेरिका पर जीत है! यही हमारा उनसे असली बदला है।जो शख्स या कौमें रचनात्मकता से प्रेरित होती हैं उनके बदलों में भी विध्वंस नहीं, रचनात्मकता होती है। और कश्मीर से निकाले जाने के बाद कश्मीरी पंडितों ने भी हिंसा का रास्ता न अपनाकर रचनात्मक तरीके से पूरी दुनिया में खुद को साबित कर इस विचार का सही साबित किया है।

स्टीवन स्पीलबर्ग की फिल्म मशहूर फिल्म है म्यूनिख। जो म्यूनिख ओलंपिक में 11 इज़राइली एथलीटों की हत्या के बाद चलाए गए इज़राइली ऑपरेशन (Operation Wrath of God) पर आधारित है। फिल्म में दिखाया गया है कि इज़राइली सुरक्षा एजेंसी की एक खास यूनिट उन तमाम लोगों को चुन-चुनकर मारती है जिन्होंने म्यूनिख हमले को अंजाम दिया था। लेकिन बीच ऑपरेशन में उनमें एक एजेंट भारी मानसिक तनाव में चला जाता है। उसे इस तरह से किसी जान लेना अच्छा नहीं लगता और वो एक तरह से Moral Dilemma में चला जाता है। फिल्म सामने आने के बाद कुछ लोगों ने इसी चीज़ के लिए फिल्म की आलोचना की। स्पीलबर्ग खुद ज्यूइश हैं मगर बावजूद इसके एक फिल्ममेकर के तौर पर उन्हें लगा होगा कि हिंसा के बदले हिंसा इस दुनिया को कहीं नहीं लेकर जाएगी इसलिए उन्होंने चीज़ दिखाई। अगर इसके बदले वो दिखाते कि एक-एक कर सारे आतंकियों को मार दिया गया, तो ये चीज़ ज़्यादा पॉपुलर होती। लेकिन एक फिल्ममेकर और इंसान के तौर पर ये आपकी सोच पर निर्भर करता है कि आप पर्दे पर क्या प्रदर्शित करना चाहते हैं।

लेकिन कश्मीर फाइल्स और म्यूनिख में मूल फर्क ये है कि म्यूनिख एक Revenge Thriller है। वहां बदला लेने की बात थी और कश्मीर फाइल्स तो बदले की नहीं, एक वर्ग के साथ हुए कत्लेआम की बात करती है। वो कत्लेआम जिस बारे में 32 सालों बाद उसका अपना ही देश नहीं जानता था! जिसके दर्द से उसके ही लोग वाकिफ नहीं थे। जिसकी पीड़ा से पूरी दुनिया अंजान थी। इसलिए फिल्म को प्रोपेगेंडा कहकर उसमें साज़िश मत तलाशिए। उसे कोसिए मत। उससे मुंह मत मोड़िए। और अगर आप ऐसा करेंगे तो गोल-गोल घूम कर वहीं पहुंच जाएंगे जहां 32 साल पहले थे। और ये वक्त रुकने का नहीं, आगे बढ़ने का है। वैसे भी बहुत देर हो चुकी है।

Previous Post

HC ने शब-ए-बारात पर निजामुद्दीन मरकज को खोलने की दी अनुमति

Next Post

गांधी, फिल्म, आरएसएस और प्रधानमंत्री का प्रचार!

Next Post
गांधी, फिल्म, आरएसएस और प्रधानमंत्री का प्रचार!

गांधी, फिल्म, आरएसएस और प्रधानमंत्री का प्रचार!

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

जौनपुर के त्रिकोणीय लड़ाई में कौन मारेगा बाजी? | आग़ा खुर्शीद खान। मुस्लिम टुडे

जौनपुर के त्रिकोणीय लड़ाई में कौन मारेगा बाजी? | आग़ा खुर्शीद खान। मुस्लिम टुडे

अप्रैल 24, 2024

पहले चरण का फीडबैक बीजेपी के लिए चिंता का सबब | आग़ा खुर्शीद खान। मुस्लिम टुडे

अप्रैल 23, 2024
इस चुनाव में उत्तर प्रदेश के मतदाताओं का साइलेंट होना, बड़े उलटफेर का संकेत दे रहा है

इस चुनाव में उत्तर प्रदेश के मतदाताओं का साइलेंट होना, बड़े उलटफेर का संकेत दे रहा है

अप्रैल 21, 2024

Our channel

https://www.youtube.com/watch?v=QnB3waJ7Awg
  • Trending
  • Comments
  • Latest
50 मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानी, जिनके साथ इतिहास ने किया धोखा !

50 मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानी, जिनके साथ इतिहास ने किया धोखा !

अगस्त 15, 2018
बिना कपड़े के लड़की से मालिश करवाते हुए दिखे स्वामी चिन्मयानंद, वीडियो वायरल

बिना कपड़े के लड़की से मालिश करवाते हुए दिखे स्वामी चिन्मयानंद, वीडियो वायरल

सितम्बर 11, 2019
सांसद संघमित्रा मौर्य ने पति डॉ. नवल किशोर शाक्य से ली तलाक

सांसद संघमित्रा मौर्य ने पति डॉ. नवल किशोर शाक्य से ली तलाक

मार्च 2, 2021
इमरान प्रतापगढ़ी के पहल पर झारखंड सरकार ने ड्राफ्ट किया मॉब लिंचिंग कानून 

इमरान प्रतापगढ़ी के पहल पर झारखंड सरकार ने ड्राफ्ट किया मॉब लिंचिंग कानून 

दिसम्बर 14, 2021
मोदी सरकार अपने चहेते उद्यगपतियों के लिए एक लाख करोड़ बैंकों में डाल रही है!

आज़ादी के बाद से अयोध्या का इतिहास झूठ से रचा गया है: रवीश कुमार

528
महिला को निर्वस्त्र कर घुमाने के मामले में 360 लोगों पर केस, 15 गिरफ्तार : बिहार

महिला को निर्वस्त्र कर घुमाने के मामले में 360 लोगों पर केस, 15 गिरफ्तार : बिहार

13
ईलाज कराकर लंदन से वापस लौटे अभिनेता इरफान खान

ईलाज कराकर लंदन से वापस लौटे अभिनेता इरफान खान

11
काले हिरण मामले में 5 साल की सजा के बाद सलमान खान को मिली विदेश जाने की इजाजत

काले हिरण मामले में 5 साल की सजा के बाद सलमान खान को मिली विदेश जाने की इजाजत

10
जौनपुर के त्रिकोणीय लड़ाई में कौन मारेगा बाजी? | आग़ा खुर्शीद खान। मुस्लिम टुडे

जौनपुर के त्रिकोणीय लड़ाई में कौन मारेगा बाजी? | आग़ा खुर्शीद खान। मुस्लिम टुडे

अप्रैल 24, 2024

पहले चरण का फीडबैक बीजेपी के लिए चिंता का सबब | आग़ा खुर्शीद खान। मुस्लिम टुडे

अप्रैल 23, 2024
इस चुनाव में उत्तर प्रदेश के मतदाताओं का साइलेंट होना, बड़े उलटफेर का संकेत दे रहा है

इस चुनाव में उत्तर प्रदेश के मतदाताओं का साइलेंट होना, बड़े उलटफेर का संकेत दे रहा है

अप्रैल 21, 2024
जामिया की नौशीन ने UPSC में नौवां स्थान प्राप्त किया | आग़ा खुर्शीद खान। मुस्लिम टुडे

जामिया की नौशीन ने UPSC में नौवां स्थान प्राप्त किया | आग़ा खुर्शीद खान। मुस्लिम टुडे

अप्रैल 17, 2024
Currently Playing

जौनपुर के त्रिकोणीय लड़ाई में कौन मारेगा बाजी? | आग़ा खुर्शीद खान। मुस्लिम टुडे

जौनपुर के त्रिकोणीय लड़ाई में कौन मारेगा बाजी? | आग़ा खुर्शीद खान। मुस्लिम टुडे

जौनपुर के त्रिकोणीय लड़ाई में कौन मारेगा बाजी? | आग़ा खुर्शीद खान। मुस्लिम टुडे

Uncategorized

पहले चरण का फीडबैक बीजेपी के लिए चिंता का सबब | आग़ा खुर्शीद खान। मुस्लिम टुडे

Uncategorized
इस चुनाव में उत्तर प्रदेश के मतदाताओं का साइलेंट होना, बड़े उलटफेर का संकेत दे रहा है

इस चुनाव में उत्तर प्रदेश के मतदाताओं का साइलेंट होना, बड़े उलटफेर का संकेत दे रहा है

Uncategorized
जामिया की नौशीन ने UPSC में नौवां स्थान प्राप्त किया | आग़ा खुर्शीद खान। मुस्लिम टुडे

जामिया की नौशीन ने UPSC में नौवां स्थान प्राप्त किया | आग़ा खुर्शीद खान। मुस्लिम टुडे

Uncategorized
क्या राजस्थान के सीकर लोकसभा सीट से कॉमरेड अमराराम की होगी जीत | आग़ा खुर्शीद खान। मुस्लिम टुडे

क्या राजस्थान के सीकर लोकसभा सीट से कॉमरेड अमराराम की होगी जीत | आग़ा खुर्शीद खान। मुस्लिम टुडे

Uncategorized

टैग्स

#aamAadmiParty (21) #AamAdmiParty (28) #AAP (39) #adeshGupta (15) #BjpDelhi (38) #BJP Government (127) #BOLLYWOOD (40) #Congress (123) #Covid19 (14) #delhi (203) #delhinews (17) #JamiaMilliaIslamia (19) #KEJRIVAL (16) #kisan andolan (18) #Maharashtra (42) #modi (62) #mumbai (21) #newstoday (33) #PM Modi (115) #PriyankaGandhivadra #CongressParty #RahulGandhi (25) #Rahul Gandhi (39) #yogi (13) AMERICA (14) Amit Shah (18) ARVIND KEJRIVAL (41) Bihar (46) BJP (165) coronavirus (156) Hindi News (447) India (418) Kejriwal (20) Politics (47) Ravish Kumar (15) RSS (26) Supreme Court (16) Uttar Pradesh (55) Yogi Adityanath (47) Yogi Govt (16) अखिलेश यादव (20) अमित शाह (13) उत्तर प्रदेश (95) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (15) बीजेपी (19) भाजपा (23) राहुल गांधी (17)

हमारे बारे में

विजन मुस्लिम आज वर्तमान में एक राजनीतिक पत्रिका और एम टी मीडिया वेंचर्स के एक पोर्टल, वैश्विक समाचार और हमारे अंग्रेजी, हिंदी और उर्दू प्रकाशनों में मौजूदा मामलों के साथ काम कर रहा है।

श्रेणियां

  • Uncategorized (125)
  • अन्य विषय (70)
  • अर्थव्यवस्था (53)
  • इतिहास (13)
  • खेल (531)
  • देश (4,002)
  • प्रौद्योगिकी (17)
  • फैक्ट चेक (2)
  • भारतीय (3,704)
  • भारतीय मुस्लिम (189)
  • मनोरंजन (247)
  • मुद्दे (182)
  • मुस्लिम दुनिया (142)
  • राजनीति (4,111)
  • विदेश (321)
  • वीडियो (4)
  • शिक्षा (44)
  • संपादकीय (84)
  • संस्कृति (9)
  • साक्षात्कार (12)
  • सिनेमा (67)
  • स्तंभ (174)
  • इंग्लिश
  • उर्दू
  • हमारे बारे में
  • हमसे संपर्क करें
  • करियर
  • विज्ञापन
  • गोपनीयता नीति
  • इंग्लिश
  • उर्दू
  • हमारे बारे में
  • हमसे संपर्क करें
  • करियर
  • विज्ञापन
  • गोपनीयता नीति

© 2021 Muslim Today

No Result
View All Result
  • मुख्य पृष्ठ
  • भारतीय
  • विदेश
  • संपादकीय
  • साक्षात्कार
  • खेल
  • अर्थव्यवस्था
  • फैक्ट चेक
  • शिक्षा
  • सिनेमा

© 2021 Muslim Today

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist