जानी बेयरस्टा के शतक के बाद गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन से इंग्लैंड ने रोहित शर्मा के शतक पर पारी फेरते हुए विश्व कप लीग मैच में रविवार को यहां भारत को 31 रन से हराकर नाकआउट में जगह बनाने की उम्मीदों को जीवंत रखा।
इंग्लैंड ने इस मैच में टॉस जीतने के बाद पहले बैटिंग करते हुए 337 रन बनाए थे जिसके जवाब में भारत की टीम 306 रन ही हरा पाई। यह लगातार तीसरा मैच है जब भारत की बल्लेबाज अपेक्षा के अनुसार नहीं चल सकी है। इससे पहले के दो मैच भारत ने गेंदबाजी के दम पर जीत लिए थे लेकिन इस बार स्पिनर्स ने मैच ही भारत के हाथ से निकाल दिया। आने वाले समय में भारत को अपनी बल्लेबाजी खामियों पर गंभीरता से काम करने की जरूरत होगी।
इंग्लैंड के लिए इस मैच में जॉनी बेयरस्टो ने शतक जड़ा और उन्होंने रॉय के साथ मिलकर 160 रनों की साझेदारी करके ही मैच को भारत की पकड़ से दूर कर दिया था। बाद में रही-सही कसर चहल और कुलदीप की जोड़ी ने पानी की तरह रनों का बहाव इंग्लैंड को देकर पूरी कर दी। बेन स्टोक्स ने स्पिनर्स पर तबीयत से शॉट्स खेलते हुए 54 गेंदों पर 79 रन बनाए। भारत की तेज गेंदबाजी शानदार रही। खासकर बुमराह ने कसी हुई गेंदबाजी से बता दिया कि वे किसी भी परिस्थितियों में भारत के सबसे बड़े गेंदबाज हैं। उनके जोड़ीदार शमी ने बुमराह के एक छोर पर बनाए दबाव का बखूबी फायदा उठाते हुए 5 विकेट अपनी झोली में डाले।
हालांकि शमी डेथ ओवरों में रन गति पर बिल्कुल भी अंकुश नहीं लगा सके। अगर भारत की बैटिंग की बात की जाए तो राहुल एक बार फिर नीरस नजर आए और जीरो पर आउट हो गए। रोहित ने अपने शतक और कोहली ने अर्धशतक से मैच में जान फूंकने की कोशिश की लेकिन रन गति बहुत ही तेज करने की जरूरत थी। इन दोनों के आउट होने के बाद पांड्या ने 45 रन बनाकर पंत के साथ कोशिश जरूर की लेकिन वह लंबी पारी नहीं खेल सके। विश्व कप में पहला मैच खेल रहे पंत ने 29 गेंदों पर 32 रनों की पारी खेली और वे कहीं से भी भारत को मैच जिताते हुए नजर नहीं आए।












