एक तरफ बीजेपी अख़लाक हत्याकांड के आरोपी विशाल सिंह का पार्टी में स्वागत कर रही है तो दूसरी तरफ़ बीजेपी नेता केएस ईश्वरप्पा मुसलमानों से यह शिकवा कर रहे हैं कि मुसलमान बीजेपी पर भरोसा नहीं करते।
कर्नाटक की भाजपा सरकार में उपमुख्यमंत्री रह चुके केएस ईश्वरप्पा ने कहा कि मुस्लिमों को बीजेपी इसलिए टिकट नहीं देती, क्योंकि वह हम पर भरोसा नहीं करते। ईश्वरप्पा ने यह बात कोप्पल में कुरुबा और अल्पसंख्यक समुदाय को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने आपको केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है, आपको टिकट भी नहीं दिया। हम मुसलमानों को टिकट नहीं देते, क्योंकि आप हम पर भरोसा नहीं करते। हम पर भरोसा कीजिए और हम आपको टिकट और अन्य चीजें भी देंगे।’
बीजेपी नेता का मुसलमानों से बीजेपी पर भरोसा न करने का यह शिकवा बिल्कुल जायज़ है। यह सच भी है कि मुसलमानों की बड़ी तादाद बीजेपी से दूरी बनाकर रखती है। लेकिन बीजेपी नेता ने अपने बयान में इस दूरी की वजह पर बात नहीं की। उन्होंने वहां मौजूद मुसलमानों से यह नहीं पूछा कि मुसलमान आखिर क्यों बीजेपी पर भरोसा क्यों नहीं करता?
अगर ईश्वरप्पा वहां मौजूद मुसलमानों से यह सवाल पूछते तो शायद उन्हें इसका जवाब भी मिल जाता कि मुसलमानों ने बीजेपी से इसलिए दूरी बनाई है क्योंकि बीजेपी शासित राज्यों में गाय के नाम पर मुसलमान को मार दिया जाता है, और बीजेपी के नेता आरोपी की आलोचना करने के बजाए उसका महिमामंडन करते नज़र आते हैं।
उत्तर प्रदेश का अखलाक़ हत्याकांड और झारखंड का अलीमुद्दीन अंसारी हत्याकांड इसके नज़ीर हैं। इन दोनों की जान गाय के नाम पर भीड़ ने ली थी। इन दोनों की हत्या के मुख्य आरोपियों का बीजेपी के नेताओं ने महिमामंडन भी किया।
कैंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने पिछले साल अलीमुद्दीन अंसारी हत्याकांड के आरोपियों को जमानत मिलने पर न सिर्फ उनका स्वागत किया था बल्कि बीजेपी कार्यालय में इसका जश्न भी मनाया था। वहीं अखलाक़ हत्याकांड की बात करें तो इस केस के आरोपी विशाल सिंह का उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने बीजेपी में स्वागत किया है।

बीजेपी के और नेताओं की बात क्या करें अगर ईश्वरप्पा अपने पुराने बयान को ही याद कर लेते तो शायद वह मुसलमानों से बीजेपी पर भरोसा न करने का शिकवा न करते। कर्नाटक में राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या पर उन्होंने कहा था कि 22 आरएसएस और भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या करने वाले मुस्लिम हैं, जो कांग्रेसी हैं।












