लखनऊ (यूपी): सपा पूर्व जिलाध्यक्ष इलियास अंसारी ने बसपा से नामांकन किया है, उन्होंने बसपा से नामंकन करते हुए सपा के फाजिलनगर विधानसभा के प्रत्याशी स्वामी प्रसाद मौर्य की मुश्किलें बढ़ा दी है।
कुछ दिनों पहले तक सपा के लिए कसीदे पढ़ने वाले इलियास अब सपा और अखिलेश यादव पर जमकर बरस रहे हैं, लोगों और मीडिया के सामने रो-रो कर इलियास अंसारी सपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कह रहे हैं कि सपा में रहने के कारण ही उनकी बेटी विधवा हो गई।
दामाद की हत्या कर दी गई और अखिलेश ने फाजिलनगर से टिकट न देकर उनकी राजनीतिक हत्या करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य को टिकट दे दिया।
टिकट कटने से नाराज इलियास अंसारी ने बगावत करके कुशीनगर की फाजिलनगर से बीएसपी प्रत्याशी के रूप में नामांकन भर दिया है, नामांकन करने के बाद इलियास ने कहा कि अब फाजिलनगर की धरती से सपा प्रत्याशी स्वामी प्रसाद मौर्य को भगाकर ही दम लूंगा, जातिगत आंकड़ों को देखें तो इलियास की बातों में दम नजर आने लगता है।
सपा से बगावत करके बीएसपी के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे इलियास अंसारी पिछले 30 साल से सपा की सक्रिय राजनीति करने वाले नेता रहे हैं, 2017 के विधानसभा चुनाव में टिकट दिया गया था लेकिन अंतिम समय में उनका टिकट काट दिया गया था, इस चुनाव में भी सपा ने इलियास अंसारी को टिकट न देकर भाजपा छोड़कर आए स्वामी प्रसाद मौर्य को प्रत्याशी बना दिया।
इसके बाद इलियास अंसारी ने बगावत का बिगुल फूंक दिया, इलियास अंसारी जैसे ही सपा से इस्तीफा दिए वैसे ही बसपा ने यहां से अपने घोषित प्रत्याशी का टिकट काटकर इलियास को बसपा का प्रत्याशी बना दिया।
3 बार से लगातार पडरौना से विधायक रहने के बाद फाजिलनगर की सेफ सीट पर पहुंचे स्वामी प्रसाद मौर्य की फिर से मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है, फाजिलनगर विधानसभा में 398835 मतदाता हैं, फाजिलनगर में ब्राह्मण 10 फीसद, क्षत्रिय 7 फीसद, वैश्य 8 फीसद, अन्य सामान्य 8 फीसद, यादव 6 फीसद, कुशवाहा 13 फीसद, सैथवार 9 फीसद , अन्य पिछड़ी 7 फीसद, अनुसूचित जातियां 17 प्रतिशत व मुस्लिम 15 प्रतिशत हैं, यहां कुशवाहा, यादव और मुस्लिम और अनुसूचित जातियों के मतदाताओं का अच्छा समीकरण है, यहां बसपा का बेस वोट लगभग 17 प्रतिशत है और मुस्लिम मतदाता भी यहां 15 फीसद हैं, इलियास अंसारी को यही बेस वोट दिख रहा है जो उनके साथ जा सकता है।












